बौद्ध एवं जैन धर्म

बौद्ध धर्म से सम्बंधित कुछ जरुरी जानकारी

बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध का जन्म वर्तमान कालिन नेपाल में स्थित लुम्बिनी में हुआ था |
गौतम बुद्ध का वास्तविक नाम सिद्धार्थ था और वह कपिलवस्तु के राजा सुद्धोदन के पुत्र थे ।
उन्हे बोधगया (बिहार) मे सत्य का ज्ञान प्राप्त हुआ । उन्होने सारनाथ (उत्तर प्रदेश) में अपना पहला धर्मोपदेश दिया ।
बिहार राज्य का नाम बौद्ध भिक्षुओं के आवासीय स्थल, जिन्हे विहार कहा जाता है, से पड़ा ।
बौद्ध कैलेंडर का पहला दिन वैशाखी पूर्णिमा है ।
वेसाक या बुद्ध पूर्णिमा गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ती तथा महापर्निवार्ण तीनो से सम्बंधित है ।
बौद्धों की अधिकतम संख्या वाला भारतीय राज्य महाराष्ट्र है ।
बौद्ध धर्म के अनुयायियों की सबसे ज्यादा आबादी वाले देश चीन है |
बौद्ध संघ के अंतर्गत कुल छः बौद्ध परिषदें आयोजित की गयी थीं।
  1. गौतम बुद्ध की मृत्यु के तुरंत बाद.
  2. उनकी मृत्यु के लगभग 100 वर्षों के बाद.
  3. 3 शताब्दी ई.पू. में सम्राट अशोक के शासनकाल के दौरान.
  4. 100 ई. के आसपास राजा कनिष्क के शासनकाल के दौरान
  5. 1888 से 1871 तक मांडले, बर्मा में
  6. 1954 से 1956 तक, रंगून, बर्मा में
चीन में लेशान की विशालकाय बुद्घ प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची पत्थर की बुद्ध प्रतिमा है |
जातक कथाओं मे महात्मा बुद्ध के पूर्व जन्मों की कथायें हैं ।
महायान और हिनायान बौद्ध धर्म के दो संप्रदाय है ।

जैन धर्म से सम्बंधित कुछ ज़रुरी जानकारी

जैन धर्म के संस्थापक, वर्धमान महावीर का जन्म बिहार में स्थित वशाली में हुआ था |
उनके पिता का नाम राजा सिद्धार्थ था और माता का नाम रानी त्रिशला था |
जैन धर्म के अनुसार तीर्थंकर ऐसे मानव हैं जिन्होने अनंत जन्म और मृत्यु के चक्र को समाप्त करने मे सफलता पा ली है और जो दूसरों के लिए एक मार्गदर्शक बन गए है । जैन धर्म मे 24 तीर्थंकर हुए है ।
ऋषभदेव जैन धर्म के पहले तीर्थंकर थे जिन्हे जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक माना जाता है ।
पार्श्वनाथ 23 वें तिर्थंकर थे, और महावीर 24वें तीर्थंकर थे ।
जैन शब्द बना है 'जिन' शब्द से जिसका अर्थ है जीतने वाला अर्तार्थ जिसने अपना मन जीत लिया हो ।
महावीर ने अपना पहला धर्मोपदेश राजगृह स्थित विपुल पर्वत पर दिया था ।
चंद्रगुप्त मौर्य अपनी मृत्यु से पहले जैन धर्म के अनुयायी बन गये थे ।
श्वेतम्बर और दिगम्बर जैन धर्म के दो मुख्य संप्रदाय हैं । श्वेतम्बर संप्रदाय के अनुयायी (श्वेत यानि सफेद और अम्बर यानि कपड़े) सफेद कपड़े पहनते हैं, दिगम्बर संप्रदाय के अनुयायी वस्त्र धारण नहीं करते (दिग यानि आकाश और अम्बर यानि कपड़े)

बुद्ध और महावीर - एक तुलना

बुद्ध महावीर
जन्म स्थान लुम्बिनी वैशाली
जन्म का वर्ष 567 ईसा पूर्व 599 ईसा पूर्व
वास्तविक नाम सिद्धार्थ वर्धमान
उपदेश ग्रंथ त्रिपिताकाएँ महावीर के 14 पूर्व
पिता का नाम सुद्धोदन सिद्धार्थ
पत्नी का नाम यशोधरा यशोदा
निर्वाण का स्थान कुशीनगर, गोरखपुर राजगीर, बिहार



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